संदेश

Do CAPF personnel get opportunities to go in other countries?

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yes CAPF is the part of UN peace keeping mission , all CAPF personnel may applied for the same but there are selection procedure they appear in selection test after test selected personnel will send to UN mission . In present they are posted in Kosovo, Haiti ,Laberia and some african country.A contingent of two Coys of RAF comprising of 240 personnel were deployed in Kosovo to assist in its bid to resolve the ethnic crisis in Kosovo as Indian Special Police Unit (ISPU) under the United Nations Peacekeeping Mission in Kosovo from May 2000 from 1/9/2003 only one coy was deployed till to September 2005. thanks watch me on www.youtube.com/vinaysengar [

इन्वेस्टमेंट में होने वाली गलतियाँ

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इन्वेस्टमेंट में होने वाली गलतियाँ                                  निवेश एक बहुत ही आवश्यक  होता है, हम  अधिकांश भारतीय लोग निवेश की सही समझ को जानते ही नहीं है की क्या निवेश है और यह कितना आवश्यक है किस जगह निवेश किया जाये। हम निवेश में बहुत गलतियां करते है और बिना कैलकुलेशन के ही निवेश कर देते है , साथ ही इस प्रकार के निवेश में फास जाते है और जब इस निवेश से निकलना चाहते है तो या तो हमें घाटा  होता है या फिर उम्मीद से कम रिटर्न मिलता है।  तो जानिए हम कहाँ गलत निवेश करते है।  1 - स्वर्ण आभूषणों में निवेश : -                    भारत मे सोना जितना प्रसिद्ध हैं शायद ही इतना कही और होगा। भारत के लोगो का मोह भी आभूषणों के  साथ होता है।  भारत मे लगभग हर इंसान जीवन मे कभी ना कभी सोना ज़रूर खरीदता हैं। सोने को ले कर सबसे बड़ी ग़लतफहमी जो लोगो मे होती हैं वो ये हैं की इसे निवेश के रूप मे देख कर वो सोने के गहने ख...

जीवन बीमा

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                                  जीवन बीमा  जिसे की लोग इन्वेस्ट समझ लेते है।  ये पूरी तरह से गलत है। जीवन बीमा  का उद्देश्य केवल आपके जाने के बाद आपके परिवार को आर्थिक स्वन्त्रता  दिलवाना है , जबकि लोग अपने जीवन बीमा  एजेंट से इस बात पर लड़ते है की अपने तो बताया था कि  इतना पैसा मिलेगा पर मिला तो इतना कम।  जबकि वो ये नहीं जानते की जो बीमा  अपने ख़रीदा था वो आप अपने परिवार के लिए ले रहे थे। पर इसमें सबसे बड़ी गलती बीमा  एजेंट की होती है जो की बीमा बेचते ही इस तरह है की आपको इतना रिटर्न मिलेगा।  मतलब मिससेलिंग  ही लोगो इस तरह का भ्रम फैलते है। धन्यवाद -विनय सेंगर  

सरकार घाटे का बहाना बनाकर सरकारी संस्थानों को बेच रही है क्यों

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सरकार घाटे का बहाना बनाकर सरकारी संस्थानों को बेच क्यों रही है? आज आम जनता प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटलों के लूट तंत्र से पीड़ित है हमने बेहतर व्यवस्था बनाने के लिए सरकारें बनाई है या सरकारी संपत्ति चंद मुनाफाखोरो को बेचने के लिए?                        भाई साहब जहाँ तक मेरा मानना है की यदि आपकी कोई फसल ख़राब है तो आप उसे खेत में ये सोच कर  खड़ी  नहीं रहने देंगे की कोई बात नहीं जो भी मिलेगा उसे ले लेंगे।  बल्कि यदि आपको लगेगा की उसे हटाकर कोई और फसल बोयेंगे।                        इसी प्रकार हम जानते है की जब भारत स्वतंत्र हुआ था तब भारत पर काफी कर्ज था और आर्थिक हालत बहुत ही ख़राब थे।  साथ ही हम ये भी जानते है की तब भारत के पास कोई मजबूत आर्थिक ढांचे भी नहीं थे।  कुछ एक उद्योगपतियों को छोड़ दे तो लोगो की छमता उद्योग लगाने की नहीं थी।  इसलिए भारत सरकार ने वैश्विक संस्थाओं और करो के माध्यम से उद्योग खड़े किये जिसे आज आप सरकारी संसथ...

मेरी सोच

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                                                              मेरी सोच   मेरी कलम की नोक अभी मोटी है क्या लिखूं सोच अभी छोटी है। ।                                             सीखा कवियों के गीत से।,                                             सीखा संगीतज्ञों के संगीत से।                                             प्रेरणा देती मुझे दिवार की तस्वीर,                                           ...

पर्यावरण

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                                                                पर्यावरण जो देता है प्राणियों को आवास जो देताहै हमें पेड़ , पौधे और घास। जो है इस  पूरी दुनिया आवरण उसे कहते है हम पर्यावरण। धन्यवाद - विनय सेंगर 

एक आँसू

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                                                                             एक आँसू  दूर और पास के दरमियाँ  बैठी ये पलके  गयी नजदीक दुरी के तो इनमे शबनमी मोती छलके  पलकों में सजाये बैठे है जाने क्या-२ सपने  एक भी जो टूट जाये मोती  टप -टप पलकों से टपके  आंसू  बैठे है पलकों पर पहरेदार से   दे जब-जब कोई करीब से  इसे गंगाजल से नहलाये  दिन भर खुला रहा दरवाजा आया न कोई  रातो को छलते है फिर क्यों सपने हरजाई  शर्मीले भी है ये हद ही  कभी समां जाये पलकों में  कभी घुट के रह जाये आँखों में  लेकिन निकले जब भी घर से  हो जाये दिलो के बोझ  कुछ हलके  हर रिश्तो को जोड़े ये पानी  टूटे दिलो पे   करता आया है  सदियों से  मेहरबानी  तुम्हारी आँखों से बहता है  ...